सोनीपत में प्राणिक हीलिंग शिविर
01 March 2026 को आ रहा है
डीएस-9मेन मार्केट, सेक्टर-15, सोनीपत
प्राणिक हीलिंग क्या है?
प्राणिक हीलिंग सीखना आसान है
प्राणिक हीलिंग एक स्पर्श-रहित, ऊर्जा-आधारित उपचार पद्धति है जो सार्वभौमिक जीवन शक्ति ऊर्जा, या "प्राण" का उपयोग करके शरीर की स्वयं को ठीक करने की प्राकृतिक क्षमता को बढ़ाती है। यह शरीर की ऊर्जा प्रणाली, या "आभामंडल", और उसके ऊर्जा केंद्रों, या "चक्रों" को शुद्ध, ऊर्जावान और संतुलित करके काम करती है, ताकि शारीरिक और मानसिक बीमारियों का कारण बनने वाले ऊर्जा अवरोधों और असंतुलनों को दूर किया जा सके। प्राणिक हीलिंग को एक पूरक चिकित्सा माना जाता है और यह पारंपरिक चिकित्सा का स्थान नहीं लेती, बल्कि स्वस्थ मन और शरीर के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण ऊर्जा को पुनर्स्थापित करके समग्र कल्याण को बढ़ावा देने पर केंद्रित होती है।


द्वी हृदयों ध्यान सीखें
ट्विन हार्ट्स मेडिटेशन तनाव कम करके, खुशी बढ़ाकर और मानसिक स्पष्टता में सुधार करके आपके स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, जिससे रिश्ते बेहतर होते हैं और आत्म-सम्मान बढ़ता है। यह अभ्यास हृदय और मुकुट चक्रों को सक्रिय करके ऊर्जा का प्रवाह बनाता है जो शरीर की ऊर्जा प्रणाली को शुद्ध करता है, आपको आशीर्वाद का माध्यम बनाता है और दुनिया और ईश्वर के साथ एक गहरा संबंध बनाता है।

आप क्या सीखेंगे
अब आपका कल्याण आपके हाथों में
प्राण और ऊर्जा शरीर रचना को समझना: आप प्राण (जीवन ऊर्जा), अपनी ऊर्जावान शरीर रचना (आभा, मेरिडियन और चक्र) के बारे में सीखते हैं। स्कैनिंग: आप ऊर्जा असंतुलन और रुकावटों का पता लगाने के लिए आभा और चक्रों को महसूस करना सीखते हैं। स्वीपिंग (सफाई): इस तकनीक में आभा और चक्रों से रोगग्रस्त ऊर्जा को हटाना शामिल है। ऊर्जा प्रदान करना (चार्जिंग): आप प्रभावित क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने के लिए उनमें ताज़ा, स्वच्छ प्राण का संचार करना सीखते हैं। स्व-प्राणिक उपचार: स्वयं को ठीक करने और अपने ऊर्जा स्तर को बनाए रखने की तकनीकें। दूरस्थ उपचार: प्रियजनों या अन्य लोगों तक उपचारात्मक ऊर्जा पहुँचाने के तरीके, भले ही वे शारीरिक रूप से मौजूद न हों। सामान्य बीमारियों के उपचार: आप सिरदर्द, बुखार, सर्दी और शरीर में दर्द जैसी सामान्य समस्याओं के समाधान के लिए चरण-दर-चरण तकनीकें सीखते हैं। जुड़वां हृदयों पर ध्यान: यह निर्देशित ध्यान आंतरिक शांति, तनाव में कमी और आंतरिक आनंद को बढ़ावा देने में मदद करता है। कर्म और चरित्र निर्माण: पाठ्यक्रम में कर्म के नियम और बेहतर चरित्र निर्माण पर चर्चा शामिल है।
